अध्याय 143 पिताजी का आलिंगन, शांतिपूर्ण है

जेम्स गेम रूम में आया और दरवाज़ा धकेलकर खोल दिया।

अंदर कदम रखते ही उसने देखा कि दरवाज़े के पास तीन छोटे बच्चे खड़े हैं, उनकी आँखों में बेसब्री झलक रही थी।

“मम्मी।”

वे दौड़कर लिपटने ही वाले थे, मगर जैसे ही उन्हें दिखा कि सामने जेम्स है, एंडी और नोआ की आँखों में पलभर को निराशा उतर आई।

दोनों वहीं र...

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